Patanjali Ghee Court Test Main Fail – पूरा मामला, सच क्या है? | Patanjali Cow Ghee Controversy 2025
भारत में घी को सबसे शुद्ध और स्वस्थ खाद्य पदार्थों में माना जाता है। खासकर देशी गाय का घी, जिसे कई लोग दवाई की तरह भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में जब किसी बड़े ब्रांड का घी “खाने लायक नहीं” या “sub-standard” घोषित होता है, तो यह खबर हर उपभोक्ता को चिंतित कर देती है।
हाल ही में Patanjali Cow Ghee को लेकर कोर्ट में बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें Patanjali का घी लैब टेस्ट में फेल हो गया और अदालत ने कंपनी पर जुर्माना भी लगाया। यह खबर सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टलों पर तेजी से वायरल हो रही है।
इस ब्लॉग में हम इस पूरे विवाद को आसान भाषा में समझेंगे—
- Patanjali का घी आखिर फेल क्यों हुआ?
- लैब टेस्ट में क्या पाया गया?
- कोर्ट ने क्या कार्रवाई की?
- Patanjali ने अपनी सफाई में क्या कहा?
- क्या यह घी खाना सुरक्षित है?
- उपभोक्ता होने के नाते आपको क्या करना चाहिए?
Patanjali Ghee Test में फेल – पूरा मामला क्या है?
घटना 2020 की है, जब उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में Food Safety Department की टीम ने बाजार से Patanjali Cow Ghee का एक सैंपल लिया। यह रूटीन चेकिंग थी, जो FSSAI नियमों के अनुसार की जाती है।
सैंपल को पहले राज्य लैब में भेजा गया, जहां पाया गया कि घी की क्वालिटी मानकों पर खरी नहीं उतर रही।
लेकिन असली झटका तब लगा जब घी को दोबारा National Food Laboratory (गाज़ियाबाद) में जांच के लिए भेजा गया।
यहाँ भी निष्कर्ष वही निकला—
घी “Sub-Standard” और “Unfit for Consumption” पाया गया।
इसका मतलब था कि घी की गुणवत्ता, शुद्धता और composition में गंभीर खामियां थीं।
कौन-कौन से टेस्ट में घी फेल हुआ?
जांच रिपोर्ट में कई मुद्दे सामने आए—
1. Fat Composition गड़बड़
घी में गाय के घी का authentic fat profile नहीं मिला, यानी उसमें मिलावट की संभावना जताई गई।
2. Adulteration का संदेह
रिपोर्टों के अनुसार घी में ऐसी सामग्री मिली जो शुद्ध घी के मानकों में अनुमत नहीं है।
3. Prescribed Standards पूरे नहीं हुए
FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के अनुसार घी में कुछ निश्चित parameters पूरे होने चाहिए।
Patanjali के test sample में वह पूरे नहीं हुए।
4. Unfit for Consumption
अदालत में कहे गए शब्द “खाने लायक नहीं” उपभोक्ताओं के लिए चिंताजनक थे।
Court ने क्या कार्रवाई की?
27 नवंबर 2025 को Pithoragarh Court ने अंतिम निर्णय सुनाया और—
कुल ₹1.40 लाख का जुर्माना
Patanjali Ayurved Ltd
+
डिस्ट्रीब्यूटर
+
दुकानदार
तीनों पर लगाया।
अदालत ने साफ कहा कि सैंपल Food Safety Standards Act के तहत sub-standard था।
Patanjali की सफाई – कंपनी ने क्या कहा?
Patanjali ने सभी आरोपों को गलत बताया और कहा—
✔ टेस्ट NABL-Accredited लैब से नहीं किया गया
उनका दावा है कि रिपोर्ट valid नहीं है।
यानी जिस आधार पर घी को फेल कहा गया, उस समय वह test संभवतः लागू नहीं थे।
कंपनी का कहना है कि expiry के बाद किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता बदल जाती है, इसलिए test naturally फेल होगा।
Patanjali ने कहा कि वे Food Safety Tribunal में इस फैसले को चुनौती देंगे।
क्या Patanjali का घी वास्तव में खराब है?
यह समझना जरूरी है—
- यह मामला एक specific batch का है जो 2020 में सैंपल किया गया था।
- हर बैच की गुणवत्ता अलग हो सकती है।
- अभी तक किसी राष्ट्रीय एजेंसी ने यह नहीं कहा कि Patanjali का सारा घी खराब है।
लेकिन सच यह भी है—
- किसी भी बड़े ब्रांड के घी का “unfit for consumption” निकलना एक गंभीर मुद्दा है।
- उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और quality checks जरूरी हैं।
इस विवाद का असर उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा?
1. Brand Trust कम हो सकता है
जब भी किसी बड़े ब्रांड का प्रोडक्ट टेस्ट में फेल होता है, उपभोक्ताओं का भरोसा कम होता है।
2. Competition बढ़ेगा
Amul, Gowardhan, Anveshan, Country Delight जैसे ब्रांड ग्राहकों का भरोसा जीतने की कोशिश करेंगे।
3. Quality Checking कड़ी होगी
FSSAI आगे और भी sampling बढ़ा सकती है।
Patanjali घी खाना सुरक्षित है या नहीं?
अगर आपने Patanjali का घी हाल में खरीदा है तो ये ज़रूर चेक करें—
- Batch Number
- Manufacturing Date
- Expiry Date
- Color, Aroma, Texture
यदि घी में जलन की स्मेल, अलग रंग या तेल जैसा पतलापन लगे, तो तुरंत सेवन रोक दें।
क्या आपको Patanjali Ghee Avoid करना चाहिए?
यह पूरी तरह आपकी पसंद है, लेकिन सावधानी जरूरी है।
अगर आप पूरी तरह safe option चाहते हैं—
- Amul Cow Ghee
- Govardhan
- A2 Desi Ghee (Grass-Fed)
- Local Verified Dairy
ज्यादा भरोसेमंद होते हैं।
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Conclusion (निष्कर्ष)
Patanjali का cow ghee एक बड़े विवाद में फंस गया है, क्योंकि कोर्ट ने उसे “खाने लायक नहीं” घोषित करते हुए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। हालांकि Patanjali ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है, लेकिन उपभोक्ताओं को सतर्क रहना जरूरी है।
घी जैसे उत्पाद में गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है, और इस तरह की घटनाएँ साफ बताती हैं कि बड़े ब्रांड भी गलती कर सकते हैं।
आपको घी लेते समय हमेशा—
✔ पैकेजिंग,
✔ ब्रांड की विश्वसनीयता,
✔ लैब टेस्टिंग,
✔ और expiry date
चेक करनी चाहिए।
FAQs
1. Patanjali ghee टेस्ट में क्यों फेल हुआ?
राज्य और केंद्रीय लैब दोनों में घी का fat composition और purity standards पूरे नहीं हुए, इसलिए sample “sub-standard” पाया गया।
2. क्या Patanjali का घी खाना safe है?
सभी बैच unsafe नहीं हैं, मामला 2020 के एक specific batch का है। लेकिन सावधानी जरूरी है—गंध, रंग और textur हमेशा चेक करें।
3. क्या Patanjali ने मिलावट की है?
कोर्ट के अनुसार sample मानकों पर फेल था, लेकिन Patanjali का कहना है कि test invalid था। Milawatt officially proven नहीं हुई है।
4. क्या इस फैसले से Patanjali के सभी उत्पाद unsafe हो जाते हैं?
नहीं। यह मामला सिर्फ एक घी के बैच का है। बाकी products पर कोई असर नहीं पड़ता।
5. क्या यह विवाद 2025 में हुआ?
हाँ—टेस्ट 2020 का था, लेकिन अदालत का अंतिम फैसला नवंबर 2025 में आया। इसलिए खबर फिर से वायरल हुई।
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